Monday, 17 January 2022

Coming soon.......,

तुम आए तो क्या आए हम गए तो क्या गए

Sunday, 19 January 2020

जाहिर करना जरुरी है क्या ||

|| जाहिर करना जरुरी है क्या ||


दूर जाते कभी बढ़ते चलते 
कभी थकते कभी रुकते 
कभी होठो पे आये 
कभी लम्हा बनके गुजर जाये 
एक आवाज बस युहीं कहते जाये 

||||||||||||||||||||जाहिर करना जरुरी है क्या |||||||||||||||

कह के कह न पाये 
दूर जाके पास आ जाये 
कभी रोके कभी सोके 
कभी कह जाये तो कभी चुप रह जाये  
बस एक आवाज बार बार आये 

||||||||||||||||||||जाहिर करना जरुरी है क्या |||||||||||||||

डरते कहते तो कभी कहते डरते 
बस जो भी हो वो कहते रहते 
कोई रूठता तो कोई मनाता रहता 
ना जाने कौन सा एहसास 
कब किसी को छू जाता 
रोकता पकड़ता उन लम्हो को 
जिनकी वजह से सिर्फ एक ही ख्याल बार बार आता 

||||||||||||||||||||जाहिर करना जरुरी है क्या |||||||||||||||

समंदर में कूद कर 
लोगो को तैरते देखा 
हमारा तालाब ही कभी कभी 
समंदर सा लगने लगता है 
नमकीन सा एहसास देके 
जाने वाली ये हवाएं 
हिलोर कर बिखेर देने वाली ये फिजाये 
भी अब यही पूछा करती। ... 

||||||||||||||||||||जाहिर करना जरुरी है क्या |||||||||||||||





Sunday, 12 May 2019

Mother- A warmth place of my Life...


                    MAA-- Life Starts and End at a Single Point



चाहत ऐसी की छोटी छोटी आशाएं बड़ी हो जाये

 न कुछ खाये पिए पूरी भरी हो  जाये  |
                             
छुपाने को कुछ नहीं हो
पाने क लिए सारा जहां हो
बस थोड़ी सी कमी
काश वो भी बरी ही जाये |

आस ऐसी रही की ये आखें नमी पण जाये
बाकि तो सब ठीक है |
बस
चाहत ऐसी की छोटी छोटी आशाएं बड़ी हो जाये ||

दिखा दू ये सारा जहां
न कोई कमी हो जाये
बस तू साथ रहे और ये जमीं
जमीं हो जाये |

कहते कहते बुंन्दे छल छल आये...
मनो कब से तरस  रही की
इस बार तो नमी कर जाये |

दुआएं मेरी सारी-- तेरी हो जाये                                                 
बाँट लू तेरा दर्द और गम
बस कमी न रह जाये |

चाहत ऐसी की छोटी छोटी आशाएं बड़ी हो जाये ||
चाहत ऐसी की छोटी छोटी आशाएं बड़ी हो जाये ||

Tuesday, 20 November 2018

My Lovely Sister 2 (मेरी प्यारी दीदी )

                                   ......My Lovely Sister 2 (मेरी प्यारी दीदी 2).........
                                      
मेरी प्यारी दीदी - निधि 


छोटी सी बच्ची , प्यारी सी बच्ची
कभी रूठती कभी मनाती और सताती बच्ची
ना जाने कुछ सोच के थम सी जाती बच्ची
हँसती रहती गाती रहती रह रह के ये बताती रहती
खेलती ऐसे जैसे कच्ची पक्की बच्ची
बड़े बड़े काम यु ही कर जाती बच्ची
ध्यान देती, बड़े बच्चो की ये बच्ची
याद आती कभी रुलाती ये बच्ची
गा गा के भी सुलाती ये बच्ची
रह रह के अब बहुत याद आती ये बच्ची
पतली सी हलकी सी बहती रहती ये बच्ची
गंगा जमुना सरस्वती की ये बच्ची
कभी सुनी कभी हरी भरी ये बच्ची
आदतों से भली पूरी ये बच्ची
सबको रिझाती ये बच्ची
सुधाकर की छोटी सी बच्ची
सदा मुस्कुराती रहे ये बच्ची
याद दिलाते रहे ये अच्छी अच्छी
शरारते इसकी कच्ची पक्की
पगली सी प्यारी सी ये बच्ची
सदा मुस्कुराती रहे ये बच्ची
कच्ची पक्की अच्छी सच्ची

मेरी प्यारी बच्ची। ... 

My Lovely Sister (मेरी प्यारी दीदी )


                                                 ........ My Lovely Sister......
                                                              मेरी प्यारी दीदी -पूजा 


कहती सुनती ,
थोड़ा कम समझती ये बच्ची
रह रह के पगली सी बच्ची
सताती डराती ये बच्ची
बुलाओ,
तो पास न आती ये बच्ची
कहने से कतराती बच्ची
जानबूझकर क्यों शर्माती ये बच्ची
पगली सगली भोली से बच्ची
डरती नहीं डराती ये बच्ची
हस हस के घबराती ये बच्ची
बात करो तो शर्माती  बच्ची
कुछ न कहो तो सताती ये बच्ची
पास आकर भाग जाती ये बच्ची
घर बुलाकर खुद खा जाती बच्ची
शर्माकर फिर खुद किस्से सुनाती ये बच्ची
हसती शर्माती इतराती मेरी प्यारी सी बच्ची
मुंबई बुलाती रहती ये बच्ची
बार बार एहि कहती रहती बच्ची
पगली सी भोली सी
मेरी प्यारी सी बच्ची
सदा याद आती मेरी ----ये बच्ची ..... 

Tuesday, 5 June 2018

Nature Motivation


                                   Bringing the Hope 



When the Sun open its Eyes
The Living beings get Wide
Take the deep BreatheAnd move quite quite.....

Losing his first light

Hoping for the second Bright
Continuing day and Night
Having a great Sight
Till the rest of Life.........

Tuesday, 20 March 2018

हवाओं के लक्ष्य

                                                 Life Persuaded by Air


Friends
Deadly Events
रुक रुक के यु ये चलती है
रह रह के यु ये बहती है
ना सहती है ना रहती है
बस धीरे धीरे कहती है
अरे ओ
ज़रा नज़र हटा इस ओर से

ज़रा बढ़ा कदम इस ओर तू
क्यों अटका हुआ इस राह में
क्यों लटका हुआ इस साज़ में
तू चल तो सही लोग आएंगे
तू बढ़ तो सही लोग गाएँगे

हर आगाज़ में लोग आएंगे
न सोच सकेंगे बस गाएँगे
बस बढ़ा कदम उस ओर तू
जिस ओर से तू अब डरता है
बस रख अब हिम्मत साथ अभी
बस जी ले जीवन दो
चार अभी.....

Deadly Echo